मुजफ्फरनगर। साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों में पहुंचाने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अर्पित कुमार पुत्र स्वर्गीय नरेन्द्र सिंह, निवासी किरठल, थाना रमाला, बागपत और आकाश पुत्र ब्रजपाल सिंह, निवासी रेवारा, थाना कवरई, महोबा के रूप में हुई है।

पेट्रोल पंप के QR कोड का किया जाता था इस्तेमाल

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर साइबर अपराध से हासिल रकम को दूसरे खातों तक पहुंचाने का काम करते थे। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर जाकर किसी न किसी जरूरत या मजबूरी का हवाला देकर वहां इस्तेमाल होने वाला QR कोड हासिल किया जाता था।

बताया गया है कि इस QR कोड को आरोपी अपने साथियों तक पहुंचाते थे। इसके बाद साइबर अपराध से संबंधित धनराशि पेट्रोल पंप के खातों में प्राप्त कराई जाती थी।

पुलिस के अनुसार, रकम प्राप्त होने के बाद पेट्रोल पंप कर्मचारियों से नकदी निकलवाकर उसमें से कमीशन काटा जाता था। इसके बाद सहयोगियों की ओर से बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में ATM के माध्यम से रकम जमा अथवा ट्रांसफर की जाती थी।

फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी जांच

जांच के दौरान पुलिस को बैंक खातों की व्यवस्था कराने और कथित तौर पर फर्जी अथवा कूटरचित आधार कार्ड का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस का कहना है कि अलग-अलग खातों और QR कोड के जरिए रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर करके उसके मूल स्रोत को छिपाने का प्रयास किया जाता था।

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच और उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

तीन मोबाइल और फर्जी आधार कार्ड बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने:

  • 03 मोबाइल फोन
  • 01 फर्जी आधार कार्ड

बरामद किया है।

इस मामले में दर्ज है मुकदमा

पुलिस के अनुसार, मामले में थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर में मु0अ0सं0 33/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3), 340(2), 317(4), 3(5) BNS में अभियोग पंजीकृत है।

इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी

कार्रवाई करने वाली टीम में थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर के प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह, उपनिरीक्षक पंकज सिंह, उपनिरीक्षक धर्मराज यादव, हेड कांस्टेबल 719 बालकिशन और कांस्टेबल 592 राहुल कुमार शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क और ठगी की रकम को इधर-उधर करने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।