मुजफ्फरनगर: किसान के बेटे हर्ष चौधरी ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर बढ़ाया गांव का मान
बुढ़ाना क्षेत्र के बिटावदा गांव में एक साधारण किसान परिवार के युवा हर्ष चौधरी ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर सबको गौरवान्वित किया। उनकी कठोर ट्रेनिंग और उपलब्धि पर गांव में खुशी का वातावरण छा गया।
मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना क्षेत्र स्थित बिटावदा गांव में 14 दिसंबर को उत्सव जैसा माहौल था। गांव के सामान्य किसान भूपेंद्र सहरावत के पुत्र हर्ष चौधरी ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हासिल कर पूरे इलाके का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि से गांववासियों और आसपास के लोगों में गर्व की भावना जागृत हो गई है।
हर्ष ने 13 दिसंबर को अपनी चुनौतीपूर्ण सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक समाप्त की और अधिकारी के तौर पर शपथ ली। पासिंग आउट परेड के दौरान उनके माता-पिता भूपेंद्र सहरावत और रेखा देवी को विशेष निमंत्रण मिला था। वहां हर्ष को मेडल देकर सम्मानित किया गया। माता-पिता ने बेटे की इस कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए उसे ढेर सारा आशीर्वाद दिया।
बिटावदा गांव के निवासी हर्ष के पिता भूपेंद्र सहरावत खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि मां रेखा देवी घर संभालती हैं। हर्ष ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई बुढ़ाना में ही पूरी की और घर पर रहकर स्व-अध्ययन से कठोर परिश्रम किया, जिससे वे इस ऊंचे मुकाम तक पहुंच सके। उनकी क्षमता का प्रमाण यह है कि प्रशिक्षण के दौरान एक निशानेबाजी स्पर्धा में उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
हर्ष की इस सफलता की सूचना फैलते ही पड़ोसी गांवों से भी लोग बधाई देने पहुंचने लगे। रविवार को माता-पिता के साथ घर आए लेफ्टिनेंट हर्ष के स्वागत में लोगों की भीड़ लगी रही। पूर्व प्रधान प्रदीप कुमार ने बताया कि उनका भतीजा हर्ष अब राष्ट्र की रक्षा में अपना योगदान देगा। इस मौके पर ग्रामीणों ने हर्ष को मिठाइयां खिलाईं और फूलों की मालाएं पहनाकर उनका जोरदार अभिनंदन किया।
हर्ष चौधरी की यह कहानी मेहनत और लगन की मिसाल है, जो युवाओं को प्रेरित करती है कि साधारण पृष्ठभूमि से भी बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं।