नोएडा में छिपा था रामपुर का साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क: पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा, लाखों की ठगी का खुलासा
रामपुर पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। पार्ट टाइम काम और गेमिंग ऐप्स के लालच में लोगों को फंसाने वाले 6 ठग नोएडा से पकड़े गए, जिनके पास से सैकड़ों एटीएम कार्ड, पासबुक और 12 लाख रुपये की अवैध रकम मिली।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिविल लाइंस थाना पुलिस, साइबर क्राइम यूनिट और क्राइम ब्रांच की कॉम्बिनेशन टीम ने गुप्त सूचना पर नोएडा में छापेमारी की। वहां एक अपार्टमेंट से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 6 सदस्यों को हिरासत में लिया गया।
यह गैंग मुख्य रूप से बेरोजगार युवकों, छात्रों और घरेलू महिलाओं को टारगेट करता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, मैसेजिंग ऐप्स और नकली वेबसाइट्स के माध्यम से पार्ट टाइम नौकरी, आसान टास्क पूरा करने या गेमिंग से मोटी कमाई का झांसा दिया जाता था। शुरू में छोटे-मोटे कार्य करवाकर विश्वास हासिल किया जाता, फिर बड़ी निवेश की बात पर पीड़ितों से यूपीआई आईडी, ओटीपी और बैंकिंग डिटेल्स ले ली जातीं। जैसे ही जानकारी हाथ लगती, खातों से रकम ट्रांसफर कर ली जाती। कई मामलों में धमकियां देकर बार-बार ठगी की जाती।
छापे के दौरान पुलिस को आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान मिला। इनमें 227 एटीएम कार्ड, 222 बैंक पासबुक, 47 चेकबुक, 4 लैपटॉप, 18 स्मार्टफोन, 16 सिम कार्ड और एक वाई-फाई डिवाइस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आरोपियों के बैंक अकाउंट्स की जांच से लगभग 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी से कमाई राशि सामने आई, जिसे फौरन फ्रीज कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह रकम विभिन्न ठगी केसों से इकट्ठी की गई थी और आगे की जांच में और खाते स्कैन किए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई रामपुर पुलिस की सक्रियता का नतीजा है, जो साइबर अपराधियों पर लगाम कसने में जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के बताए जा रहे हैं और इनके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उन्होंने कई वारदातें कबूल कर ली हैं। इस गिरफ्तारी से न केवल ठगी के शिकार लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर भी अंकुश लगेगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी आकर्षक ऑफर पर व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।