उत्तर प्रदेश: SIR अभियान पूरा, वोटर लिस्ट से करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने तय – ड्राफ्ट सूची 31 दिसंबर को जारी
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का पहला दौर समाप्त हो गया है। मौजूदा 15.44 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए जा सकते हैं, जो कुल का करीब 18.7 प्रतिशत है। मुख्य वजहें मृतक, स्थान बदल चुके और दोहरे पंजीकरण हैं।
उत्तर प्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत राज्य की मतदाता सूची में बड़े बदलाव आने वाले हैं। वर्तमान में सूची में 15 करोड़ 44 लाख से ज्यादा मतदाता दर्ज हैं, लेकिन गणना फॉर्म जमा होने के बाद सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि कुल नामों का करीब 18.7 प्रतिशत हिस्सा हटाया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो 31 दिसंबर 2025 को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में पिछली लिस्ट की तुलना में लगभग 2.89 करोड़ नाम कम हो सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से वे मतदाता शामिल हैं जो स्थायी रूप से राज्य से बाहर चले गए हैं (करीब 1.26 करोड़), मृत घोषित हुए (लगभग 46 लाख), दोहरे पंजीकरण वाले (करीब 23 लाख), पता न मिलने वाले (84 लाख) और फॉर्म जमा न करने वाले (9.37 लाख)।
इस अभियान में सबसे ज्यादा प्रभाव शहरी क्षेत्रों जैसे लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, प्रयागराज, आगरा और बरेली में देखा जा रहा है। इसके अलावा, करीब 1.11 करोड़ मतदाताओं का पुराना रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है, जिन्हें नोटिस भेजकर दस्तावेज मांगे जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि ड्राफ्ट रोल 31 दिसंबर को प्रकाशित होगा। इसके बाद 30 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। नोटिस और आपत्तियों पर फैसले 21 फरवरी तक लिए जाएंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।
यह सफाई अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मतदाताओं से अपील है कि वे अपनी स्थिति जांचें और यदि नाम गायब हो तो फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें। नए युवा मतदाता भी 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरे करने पर पंजीकरण करा सकते हैं।
इस प्रक्रिया से चुनावी तैयारियां मजबूत होंगी और फर्जी या गलत एंट्री वाली समस्याएं कम होंगी।