उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक अहम कदम उठाया है। आयोग की ओर से पंचायत चुनाव की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिस पर अब आम नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।


 

राज्य की पंचायत मतदाता सूची में इस समय कुल 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस बार के पुनरीक्षण में करीब 40.19 लाख नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया है। वहीं, पिछली मतदाता सूची की तुलना में 1.41 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इनमें वे मतदाता शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थानांतरित हो गए हैं या जिनका क्षेत्र अब शहरी सीमा में आ गया है।


 

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार से 30 दिसंबर तक ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 6 जनवरी 2026 के बीच इन सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 फरवरी 2026 को पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।


 

आयोग ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे।


 

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अप्रैल-मई 2026 में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी चल रही है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया में एक बड़ी बाधा अभी भी बनी हुई है। अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं किया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंचायत चुनाव से पहले इसका गठन अनिवार्य है।


 

पंचायती राज निदेशालय द्वारा इस संबंध में पहले प्रस्ताव भेजा जा चुका है और बाद में शासन को रिमाइंडर भी दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह आयोग गठित नहीं होता, तब तक ओबीसी आरक्षण से जुड़ा ट्रिपल टेस्ट पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में यदि आयोग के गठन में और देरी होती है, तो समय पर पंचायत चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।