बाघंबरी गद्दी मठ के महंत और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार आनंद गिरी को ठहराया है। जिसके बाद आनंद गिरि और लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी को जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सरेरी गांव का रहने वाला अशोक (आनंद गिरी) जब सातवी कक्षा में पढ़ता था तभी अपना घर छोड़ कर चला गया था। 12 साल बाद जब अशोक घर लौटा तो वह आनंदगिरि बन चुका था। आनंद गिरी ने योग में पीएचडी की हुई है।