पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने अपनी सबसे बड़ी चुनावी रणनीति का खुलासा कर दिया है. पार्टी इस बार ‘यूपी ब्रिगेड’ को मैदान में उतारकर विपक्ष को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह जैसे चेहरे बिहार में बीजेपी के प्रचार अभियान को नई धार देने वाले हैं.


 

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस बार बिहार में भी ‘उत्तर प्रदेश मॉडल’ को दोहराने की योजना बना रही है. संगठन स्तर पर बूथ प्रबंधन से लेकर जातिगत समीकरणों तक पर माइक्रो लेवल रणनीति तैयार की गई है. बीजेपी का फोकस गैर-यादव पिछड़ी जातियों और अपर कास्ट वोट बैंक पर है, जिसे मजबूत करने के लिए यूपी के नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है.


 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद बिहार में एनडीए के सबसे बड़े स्टार प्रचारक के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ की एंट्री होने जा रही है. पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ की बिहार में लगभग 20 से 25 बड़ी चुनावी रैलियां होने जा रही हैं.


 

स्थानीय उम्मीदवारों की बढ़ती मांग को देखते हुए रैलियों की संख्या 30 तक पहुंच सकती है. सीएम योगी की रैलियों का लक्ष्य लगभग 100 से 150 विधानसभा सीटों के मतदाताओं तक सीधा संदेश पहुंचाना है.


 

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पहले ही बिहार चुनाव का सह-प्रभारी बनाया जा चुका है, जबकि स्वतंत्र देव सिंह भी प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. पार्टी को उम्मीद है कि इन नेताओं की मौजूदगी से बिहार में हिंदुत्व और विकास के एजेंडे को नया बल मिलेगा.


 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी की यह रणनीति PK (प्रशांत किशोर) और तेजस्वी यादव की तैयारियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द साबित हो सकती है. अब देखना यह होगा कि बिहार की धरती पर यूपी मॉडल कितना असर दिखा पाता है.