मुज़फ्फरनगर: 22 साल बाद किसानों को मिला नहर अधिग्रहण का मुआवजा
मुज़फ्फरनगर के बरौदा गांव में 2002-03 में पूर्वी यमुना नहर के लिए अधिग्रहीत भूमि के बदले मिलने वाला मुआवजा अब 22 साल बाद किसानों तक पहुंचा है। शासन ने 265 किसानों को पहले चरण में लगभग 3 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है
बरौदा गांव के किसानों को लम्बे संघर्ष के बाद बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2002-03 में पूर्वी यमुना नहर के निर्माण हेतु उनका खेत अधिग्रहीत किया गया था, लेकिन तय मुताबिक बदली में दूसरी जमीन या मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों ने वर्षों तक दिल्ली-लखनऊ तक प्रदर्शन कर रही और सांसदों से मिलकर समाधान की मांग की। अंततः शासन ने इस लंबित मामले में सकारात्मक कदम उठाया। अमर उज्ज्वल भरत की खबर के अनुसार इस लंबी लड़ाई में “265 किसानों के मुआवजे का रास्ता साफ हो गया है। तीन करोड़ रुपये शासन ने जारी कर दिए हैं” । अब प्रभावित किसानों को पहले चरण में पैसे की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सिंचाई विभाग के अनुसार पात्र किसानों की सूची तैयार की जा रही है, और दस्तावेज़ीकरण के बाद सभी को लाभान्वित किया जाएगा। इस फैसले से गांव में खुशी की लहर है, क्योंकि कई परिवारों ने पीढ़ियों से इस मुआवजे की उम्मीद लगाए रखी थी ।