स्वर कोकिला को जन्मदिन पर मिला विशेष उपहार 22 साल पुरानी यादें हुई ताजा
28 सितंबर को स्वर कोकिला के नाम से पहचानी जाने वालीं दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपना 92वां जन्मदिन मनाया हैं।
28 सितंबर को स्वर कोकिला के नाम से पहचानी जाने वालीं दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपना 92वां जन्मदिन मनाया हैं। इसी विशेष अवसर पर विशाल भारद्वाज ने उन्हें एक उपहार से सम्मानित किया है विशाल भारद्वाज के विषय में बता दें कि विशाल भारद्वाज भारतीय हिन्दी फिल्म उद्योग बॉलीवुड के एक प्रसिद्ध संगीतकार, गीतकार, पटकथा लेखक व निर्देशक हैं। उन्हे गॉडमदर और इश्किया के लिये सर्वश्रेष्ठ संगीत के राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। विशाल के शब्दों मे "गुलजार" उनके प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। विशाल भारद्वाज द्वारा लता मंगेशकर जी के जन्मदिन से एक शाम पहले उनका बेहद खास गाना रिलीज किया गया वह गाना खास इसलिए है क्योंकि वह 22 साल पहले लता मंगेशकर द्वारा रिकॉर्ड किया गया था गाने के बोल दिग्गज गीतकार गुलजार ने लिखे थे वह गाने को म्यूजिक विशाल भारद्वाज ने दिया है गाने का नाम "सब ठीक है लेकिन सब ठीक नहीं लगता" है! अपनी सुरीली आवाज से सब के कानों में रस होने वाली है लता मंगेशकर जी ने अलग-अलग भाषाओं में गाने गाए और सबके दिल पर राज किया आपको बता दें कि यह गाना एक फिल्म के लिए रिकॉर्ड किया गया था लेकिन किसी कारणवश उसे फिल्म मैं शामिल नहीं किया जा सका! अपने 22 साल पुराने बेहद खास गाने को रिलीज होता देखकर लता मंगेशकर जी बहुत खुश हैं इस विशेष मौके पर उन्होंने कहा " संगीत मेरा जीवन है और अब तक मैं गाती आई हूं"गुलजार जी की माचिस फिल्म का पहला गाना 'ए हवा' और दूसरा गाना 'पानी-पानी रे खारे पानी रे', वे सभी गाने बहुत अच्छे थे।' उन्होंने कहा कि गुलजार जी और विशाल भारद्वाज जी ने जो गाने लिखे हैं वह बहुत ही अच्छे और प्रिय हैं सभी जानते हैं कि लता मंगेशकर जी कोभारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, नेशनल फिल्म अवॉर्ड समेत कई बड़े अवॉर्ड से सम्मानित किया गया एक वक्त था जब फिल्मों के 80% गाने लता मंगेशकर जी गाती थी यूं ही नहीं उन्हें स्वर कोकिला कहा गया है