2022 विधानसभा चुनाव:खतौली और चरथावल सीटों को लेकर उलझा गणित ,जानिए पूरा मामला
बता दें कि रालोद और सपा के बीच गठबंधन तो तय है वहीं दूसरी ओर दोनों पक्षों के बीच सीटों को लेकर बंटवारे का मुद्दा चल रहा है जिसके चलते खतौली और चरथावल सीटों को लेकर रालोद और सपा के बीच गणित उलझ रहा है
विस्तार:
सपा और रालोद के बीच सीटों के बंटवारे की कड़ी को सुलझाना मुश्किल हो रहा उधर चरथावल सीट पर सबसे ज्यादा खींचतान है, सपा और रालोद के गठबंधन की बातें तो सुर्खियों में है ही अब तो केवल दोनों पार्टियों के गठबंधन की घोषणा होनी बाकी है आपको अवगत करा दें कि मेरठ की 7 दिसंबर को होने वाली साझा रैली की तैयारी भी शुरू हो चुकी है, इस बार चरथावल सीट पर सबसे ज्यादा उम्मीदवार खींचतान कर रहे हैं उधर रालोद ने चरथावल के बदले गठबंधन में खतौली ,बुढ़ाना सदर ,और पुरकाजी पर दावा किया है! अखिलेश यादव भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है साथ ही इस बार गठबंधन में उतरने की प्रतिक्रिया है दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद सपा का मुख्य सहयोगी रहेगा लेकिन अभी दोनों पक्षों के बीच सीटों के मुद्दे को लेकर गणित उलझा है
गौरतलब है कि रालोद की तरफ से एक नया दाव चला गया है उनका कहना है कि यदि चरथावल सीट सपा के हिस्से में जाती है तो सुरक्षित सीट पुरकाजी, खतौली ,बुढ़ाना ,और सदर की दावेदारी रालोद पार्टी करेगी, जबकि इसके विपरीत पहले रालोद पार्टी खतौली और सदर सीट लेने से पीछे हट रही थी उधर सपा का सबसे मजबूत दावा मीरापुर और चरथावल सीट पर है और वह सदर सीट के लिए भी पूरी तरह से जद्दोजहद कर रहे हैं दरअसल सपा का तर्क है कि वह रालोद को उनकी मनपसंद बुढ़ाना सीट दी जा रही है, तो फिर चरथावल पर सपा का उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेगा।
गठबंधन की मंशा है दो मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव में उतारना:
बता दें कि कांग्रेस पार्टी को छोड़कर सपा में शामिल हुए पूर्व विधायक पंकज मलिक सपा से चरथावल सीट के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं। यदि पंकज मलिक ने चरथावल सीट से चुनाव लड़ा तो खतौली से मुस्लिम उम्मीदवार का विकल्प खुल सकता है गठबंधन की 2 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने की मंशा है!