किसानों के कष्ट का अंतिम पेराई सत्र, मंच पर गरजे चौधरी जयंत सिंह
जयंत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान किसानों ने बहुत से कष्टों को देखा है और अभी भी वह कष्ट में ही है लेकिन अब उन कष्टो के खत्म होने का समय आ चुका है।
शामली: राजनीतिक गलियारों में चुनाव की चहल-पहल देखी जा रही है यूपी के शामली में परिवर्तन संदेश रैली का आयोजन किया गया यह आयोजन थानाभवन में किया गया इस बीच रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कांग्रेस से जुड़ने या गठबंधन पर पूछे गए सवाल से साफ इनकार किया और उन्होंने कांग्रेस से गठबंधन को नकार दिया साथ ही जयंत चौधरी ने किसानों के हित में कहा कि यह साल किसानों के कष्ट का अंतिम पेराई सत्र है।
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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के शामली में आयोजित रैली में रालोद राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी रविवार थाना भवन के जैदी फार्म हाउस में परिवर्तन संदेश रैली को संबोधित कर रहे थे इसी बीच उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान किसानों ने बहुत से कष्टों को देखा है और अभी भी वह कष्ट में ही है लेकिन अब उन कष्टो के खत्म होने का समय आ चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के कष्टों का यह आखिरी पेराई सत्र होगा, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मे सबसे अधिक कष्ट किसानों को ही हुआ है इसलिए जनता ने मन बना लिया है कि इस बार भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकना है। जयंत चौधरी ने कहा कि यह पूंजीपतियों के समर्थन वाली सरकार है इस सरकार ने किसी किसान या गरीब इंसान का भला नहीं किया, साथ ही उन्होंने कहा कि किसान 1 साल से कृषि बिलो के खिलाफ धरने पर बैठे हैं दूसरी तरफ सर्दी भी लौट रही है लेकिन इस सरकार में आंदोलनकारी किसानों को न्याय ना देने की व गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने की व्यवस्था है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब इस बेमानी व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है और सरकार की बुनियाद हिलाने का वक्त भी आ गया है।
बता दें कि जयंत चौधरी ने योगी सरकार पर हमला करते हुए यह भी कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को किसानों की दुख की कोई जानकारी है ही नहीं क्योंकि वह बछड़ों के बीच में है। वह कभी खेतों में गए ही नहीं, उन्होंने कहा कि खेतों में घूमते बछड़े और यह सरकार दोनों ही किसानों का नुकसान कर रही है।
कैबिनेट गन्ना मंत्री पर भी निशाना साधा:
गौरतलब है कि रैली के दौरान मंच पर गरजते हुए जयंत चौधरी ने कैबिनेट गन्ना मंत्री सुरेश राणा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री अपने गृह जनपद के किसानों के साथ ही न्याय नहीं कर पाए उन्होंने कहा कि किसानों की चीनी मिलों पर 376 करोड रुपए बकाया है साथ ही सरकार 14 दिन में गन्ना भुगतान करने का कानून भी खत्म करने जा रही है और तो और बिजली बिल 2003 में बदलाव कर रेट एक समान करने की तैयारी में जुटे हैं है, उन्होंने कहा कि लगता है फिर अडानी और अंबानी किसानों की बिजली के रेट तय करेंगे।