लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कठोर शब्दों का पलटवार जवाब देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी जी ने 8 अक्टूबर शनिवार को लखनऊ के इंदिरा नगर के लवकुश नगर में दलित बस्ती में जाकर झाड़ू लगाई प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ के बयान का अपने शब्दों में विरोध करते हुए कहा कि झाड़ू लगाना कोई शर्म का काम नहीं है यह तो स्वाभिमान का और सादगी का प्रतीक है वह लोग सम्मान के पूर्ण रूप से हकदार हैं जो महिलाएं व सफाई कर्मचारी झाड़ू लगाते हैं!

गौरतलब है कि लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों से मिलने जा रही कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी सीतापुर मैं हिरासत में लेकर एक गेस्ट हाउस में भेज दिया गया था और उन्हें मृतक किसानों के परिवार से नहीं मिलने दिया गया था गेस्ट हाउस में रुकने के बाद प्रियंका गांधी ने वहां पर झाड़ू लगाई झाड़ू लगाते हुए प्रियंका गांधी का वीडियो सोशल मीडिया पर भरपूर मात्रा में वायरल हुआ और सोशल मीडिया पर यह वीडियो बहुत अधिक देखी गई!!

इसके बाद प्रियंका गांधी को लखीमपुर खीरी कांड में मृतक किसानों के परिवार से मिलने की अनुमति मिल गई बता दें कि न्यूज़ इंडिया चैनल से बातचीत के दौरान रिपोर्टर के यह पूछने पर कि उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को किसान परिवार से क्यों नहीं मिलने दिया और प्रियंका गांधी पर झाड़ू क्यों लगवाई गई इस पर योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया कि "जनता उनको उसी लायक बनाना चाहती है और जनता ने उन्हें उसी लायक बना दिया "साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष को केवल उपद्रव करने और नकारात्मकता चलाने से अलग और कोई काम नहीं है ! योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करोना काल में यह सरकार क्यों नजर नहीं आई उस बुरे वक्त में केवल बीजेपी सरकार उत्तर प्रदेश के पूर्ण रूप से साथ थी योगी आदित्यनाथ ने कहा विपक्ष को लगा कि लखीमपुर खीरी एक बहाना है जिससे वह खुद को साबित कर सके लेकिन वह बीजेपी सरकार नहीं होने देगी !

उसके उपरांत कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी मृतक किसानों के शोकाकुल परिवार से मिली वहां से लौटने के बाद प्रियंका गांधी अचानक 8 अक्टूबर शुक्रवार को लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित लवकुश नगर में दलित बस्ती में गई और वहां वाल्मीकि आश्रम पर उन्होंने झाड़ू लगाई और इसे स्वाभिमान की बात कहा!