ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में मेरठ हुआ शामिल, अब सीधा मुंबई सामान पहुंचाना होगा आसान
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में 6 राज्य शामिल है पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, वेस्ट बंगाल इन सभी माल की ढुलाई अब बहोत आसान हो जाएगी।
मेरठ: तरक्की की ओर अग्रसर मेरठ को लुधियाना से दानाकुनी तक बनाए जा रहे ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मैं शामिल किया गया है जिसके लिए मेरठ में स्टेशनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है गौरतलब है कि मेरठ न्यू कैंट और दौराला मैं स्टेशन का 15 वर्ग मीटर में निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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अब लागत के साथ समय के महत्व के मद्देनजर कम लागत और कम समय में मुंबई तक सामान पहुंचाना बेहद आसान होने वाला है। दरअसल दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे से मेरठ को डेडिकेट फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा जा रहा है साथ ही यह दादरी में एक साथ इंटरकनेक्ट होने जा रहा है अब दादरी में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित होगा साथ ही सामान को आयात निर्यात करने के लिए डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का उपयोग किया जाएगा
हर महीने लगभग 500 करोड़ का माल जाता है।
सुमनेश अग्रवाल(आईआईए अध्यक्ष) ने बातचीत के दौरान बताया कि मेरठ से हर महीने लगभग 500 करोड रुपए का सामान अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है जिसमें कपड़ा, खेल उत्पाद, केमिकल दवाइयां ,कारपेट, ट्रांसफार्मर उपकरण, ट्रैक्टर उपकरण, मशीनरी ,जिम उपकरण आदि शामिल है।
दरअसल दादरी में 4 गांव की जमीन पर निर्माण कार्य किया जाएगा इसमें कटहेरा की 4 हेक्टेयर, चिटेहरा की 40 हेक्टेयर चंद्रावली बोड़ाकी की 12 हेक्टेयर और पल्ला की 23 हेक्टेयर जमीन है इसमें फरीदाबाद पल्दा औद्योगिक क्षेत्र, रेवाड़ी हिसार औद्योगिक क्षेत्र, दादरी नोएडा गाजियाबाद क्षेत्र, मेरठ मुजफ्फरनगर औद्योगिक क्षेत्र आदि क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।
क्या है ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर:
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर केवल मालगाड़ी से सामान धुलाई के लिए बनाये जाने वाला भारतीय रेल का प्रोजेक्ट है जिसके शुरू होने से भारत भी चीन जैसे देश को व्यापर में टक्कर दे सकेगा। आज के समय में भारत में देश के अंदर ही सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना काफी खर्चीला और काफी समय लेने वाला काम है। लकिन ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बनने के बाद यह काम किफायती और कम समय में हो पायेगा जिससे भारत में बना सामान सस्ता होगा क्योकि उसकी ट्रांसपोर्ट की कीमत कम लगेगी। जिससे आने वाले समय में भारत व्यापर में विश्व गुरु बन पायेगा।
कौन कौन से राज्य है ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में शामिल:
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में 6 राज्य शामिल है पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, वेस्ट बंगाल इन सभी माल की ढुलाई अब बहोत आसान हो जाएगी।