मोदीपुरम: दिल्ली मेरठ रैपिड रेल का डिपो 60 हेक्टेयर में बनेगा
दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ेगा जिससे दिल्ली से मेरठ की दूरी लगभग 1 घंटे में तय कर ली जाएगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 30 हजार करोड़ की लागत लगाई जा रही है। जिसमें इन दो डिपो को मिलाकर 24 स्टेशन होंगे।
मोदीपुरम: भारत के प्रथम रीजनल रैपिड रेल कोरिडोर की लंबाई 82 किलोमीटर है जो दिल्ली से मेरठ के बीच में बन रहा है। इस दूरी के बीच दो डिपो बनाए जाएंगे जिसमें पहला डिपो मोदीपुरम में बनाया जाएगा और दूसरा दुहाई में बनाया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ेगा जिससे दिल्ली से मेरठ की दूरी लगभग 1 घंटे में तय कर ली जाएगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 30 हजार करोड़ की लागत लगाई जा रही है। जिसमें इन दो डिपो को मिलाकर 24 स्टेशन होंगे।
8 मार्च 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रैपिड रेल कॉरिडोर की नींव रखी थी अब पहले डिपो की 60 हेक्टेयर जमीन को सिवाया या दौराला में फाइनल करने की बातचीत चल रही है। जिसका टेंडर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की ओर से अपलोड कर दिया गया है। साथ ही इस कार्य को लगभग 2 वर्ष में पूरा कर दिया जाएगा इसके लिए एनसीआरटीसी ने टेंडर अपलोड कर 11 नवंबर को कंपनियों की बैठक बुलाई है। डिपो के अंदर ही वेयरहाउस भी बनाने की योजना है जिसके की यह डिपो अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनेगा जिससे आसपास के राज्य से सामान ढुलाई भी आसान होगी साथ ही बता दी की है टेंडर प्रक्रिया इसी वर्ष दिसंबर तक समाप्त हो जाएगी और डिपो का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।