नई दिल्ली: नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धू को 18 जुलाई को ही पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था  सिद्धू ने सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है, जिसमें लिखा है कि वे पंजाब के भविष्य से समझौता नहीं कर सकते समझौता करने से इंसान का चरित्र खत्म होता है मैं कांग्रेस के लिए काम करता रहूंगा अचानक नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस के प्रधान पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है इस कुर्सी के लिए ही उन्होंने कैप्टन अमरेंद्र सिंह से लड़ाई लड़ी थी और उन्होंने वह कुर्सी पर भी ली लेकिन उन्होंने वह कुर्सी छोड़कर इस्तीफा दे दिया कहा जा रहा है कि सिद्धू की नाराजगी का कारण एडवोकेट जनरल की नियुक्ति भी है क्योंकि वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कुलदीप सिंह के बेटे डीएस पटवालिया को जज बनवाने के समर्थन में थे लेकिन सीएम चन्नी इस बात पर सहमत नहीं थे परिणाम स्वरूप अमरप्रीत सिंह देओल को एडवोकेट जनरल बना दिया गया नवजोत सिंह सिद्धू चाहते थे कि कैप्टन के बाद चन्नी के सीएम बनते ही सत्ता में सिद्धू की चलने लगेगी लेकिन उनके मुताबिक कुछ भी नहीं हो रहा था चन्नी ने अपने हिसाब से सभी अफसरों का ट्रांसफर किया सिद्धू नहीं चाहते थे लेकिन फिर भी उनकी मर्जी के खिलाफ ही सब का तबादला किया गया, सिद्धू की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण उनका मुख्यमंत्री ना बनना है क्योंकि उनका यही मकसद था जो उन्होंने कैप्टन अमरेंद्र सिंह को कुर्सी से हटाया था सभी तरह की कोशिश के बाद आखिर में चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम की कुर्सी दे दी गई यही एक और एक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने आज तक से बात करते हुए कहा कि "हमारी पार्टी को नहीं चाहिए ऐसे बुद्धू" यह नहीं थे सिद्धू यह थे बुद्धू