एनसीआर का एक तिहाई हिस्सा हो जाएगा कम, मुजफ्फरनगर राजस्थान हरियाणा पर पड़ेगा असर
गौरतलब है कि एनसीआर का एक तिहाई हिस्सा हो जाने का कारण यह है कि पराली जलाने से लेकर गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन खत्म करने की समस्या हरियाणा को ज्यादा हो रही थी इसी के चलते हरियाणा लगातार एनसीआर का हिस्सा कम करने की मांग कर रहा था जिसके परिणाम स्वरुप यह फैसला सरकार को लेना पड़ा।
दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर (NCR) का एक तिहाई हिस्सा अब कम होने जा रहा है मंगलवार को हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की एक बैठक में इस क्षेत्र को तय किया गया है जिसमें सभी राज्यों को एक समान अवसर मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक यूपी की 2 तहसीलों पर भी इसका असर पड़ सकता है मुजफ्फरनगर की जानसठ तहसील, और बुलंदशहर के शिकारपुर तहसील! अभी तक एनसीआर की सीमा 55000 वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा थी लेकिन इस बैठक के बाद यह सीमा घटकर 37115 वर्ग किलोमीटर रह जाएगी! परंतु यूपी के सभी छेत्रो पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि यूपी में 8 जिले एनसीआर में शामिल है लेकिन जानसठ और शिकारपुर 100 किलोमीटर के दायरे से बाहर है।
हरियाणा पर इस योजना का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा कैथल ,करनाल, जींद जैसे जिले एनसीआर की सीमा से बाहर किए जा सकते हैं बताया जा रहा है कि भिवानी का हिस्सा भी एनसीआर सीमा से बाहर हो सकता है बताया जा रहा है कि राजस्थान के अलवर कोर एनसीआर में जगह मिल सकती है 100 किलोमीटर के दायरे के हिसाब से सब राज्यों का सबरीजन तय किया जाएगा।
इस हिस्से का कारण-
गौरतलब है कि एनसीआर का एक तिहाई हिस्सा हो जाने का कारण यह है कि पराली जलाने से लेकर गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन खत्म करने की समस्या हरियाणा को ज्यादा हो रही थी इसी के चलते हरियाणा लगातार एनसीआर का हिस्सा कम करने की मांग कर रहा था जिसके परिणाम स्वरुप यह फैसला सरकार को लेना पड़ा।