गंगा किनारे स्थित किसानों के लिए विशेष अवसर
औद्योगिक विकास मिशन 2020-21 क्या अंतर्गत गंगा किनारे स्थित किसानों के लिए एक विशेष अवसर सामने आया है जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी
औद्योगिक विकास मिशन 2020-21 क्या अंतर्गत गंगा किनारे स्थित किसानों के लिए एक विशेष अवसर सामने आया है जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी गंगा किनारे के ऐसे किसान जो इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं वह किसी भी कार्य दिवस में उसके कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं
यहां गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में नवीन उद्यान रोपण करने वाले तथा नर्सरी स्थापना करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर हर माह प्रोत्साहन राशि के रुप में ₹3000 की राशि दी जाएगी आपको बता दें कि यह राशि 3 साल तक प्राप्त की जा सकेगी जो किसानों के खातों में हर महा पहुंचाए दी जाएगी इससे किसानों को फायदा प्राप्त होगा प्रोत्साहन राशि मिलने में किसान की आय में भी बढ़ोतरी होगी गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में विकास योजना के लिए जिले को नवीन उद्यान रोपण के लिए 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य दिया गया है
इसके लिए किसानों को शरीफा एवं कागजी, आंवला ,आम बेल, अमरूद, अनार वे नींबू के नए बागो का रोपण करना होगा बाग के साथ साथ किसान इंटर क्रॉपिंग के लिए मसाला पुष्प सब्जी आदि खेत में लगा सकते हैं इस पर सरकार की कोई रोक नहीं है समय-समय पर किसानों को जानकारी देने के लिए उद्यान विभाग सहायता के रूप में जानकारी उपलब्ध कराएगा इसके अंतर्गत नवीन भाग रोपण के लिए पौधों की व्यवस्था, सिंचाई की व्यवस्था, बाकी रखरखाव का काम किसान को अपने आप करना होगा फसल के लिए बीजों की व्यवस्था आदि भी किसान को अपने आप ही करनी होगी नर्सरी के लिए किसान को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
एक हेक्टेयर क्षेत्रफल की नर्सरी स्थापना की कुल लागत डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। इस पर किसान को अधिकतम अनुदान 75 हजार रुपये मिल सकेगा। जिससे किसानों को अधिक फायदा होगा और वह ₹3000 महीना के हिसाब से 3 साल तक इस योजना का फायदा उठा सकेंगे जिसके लिए उन्हें अपने अकाउंट में ही धनराशि प्राप्त हो जाएगी और उन्हें गंगा किनारे स्थित जमीन होने का फायदा भी मिलेगा जिसमें किसान को फसल पूरी तरह अपने अनुसार लगानी है बताई गई फसल में से वह किसी भी फसल का चुनाव करके अपने बाग व नर्सरी का आरंभ कर सकता है