मुजफ्फरनगर के रोहाना चीनी मिल की पेराई क्षमता में बढ़ोत्तरी
वर्ष 1930 में अमृतसर से आए मोना सरदार श्याम सिंह ने रोहाना क्षेत्र में चीनी मिल की स्थापना की थी। दरअसल उस समय मिल की पेराई क्षमता 13 हजार क्विंटल प्रतिदिन थी। चीनी मिल में वर्ष 1933 में पेराई शुरू हुई थी
रोहाना( मुजफ्फरनगर): रोहाना क्षेत्र में गन्ने की व्यापक उपलब्धता के देखते हुए आईपीएल ग्रुप ने चीनी मिल की पेराई क्षमता 16 हजार क्विंटल से बढ़ाकर 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन कर दी है। साथी इसके लिए मिल में 40 करोड़ का निवेश किया गया है।
बता दें कि अब चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ोतरी की ओर अग्रसर हो कर 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन हो हो रही है दरअसल मिल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि दस नवंबर तक मिल का पेराई सत्र का आरंभ किया जा रहा है।
गौरतलब है कि जनपद में वर्ष 1930 में अमृतसर से आए मोना सरदार श्याम सिंह ने रोहाना क्षेत्र में चीनी मिल की स्थापना की थी। दरअसल उस समय मिल की पेराई क्षमता 13 हजार क्विंटल प्रतिदिन थी। चीनी मिल में वर्ष 1933 में पेराई शुरू हुई थी। इसके बाद से मिल परिक्षेत्र में गन्ने का रकबा बढ़ने के साथ ही पैदावार भी बढ़ती चली गई। वर्ष 1990 में गौरतलब है कि तत्कालीन सपा सरकार ने मिल के विस्तारीकरण के लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन किसानों के विरोध के चलते यह योजना बीच म में लटक गई थी। खैर इसके बाद बसपा सरकार ने इस चीनी मिल को आईपीएल ग्रुप को बेचने का फैसला किया और उसे बेच दिया परिणाम स्वरूप आईपीएल ग्रुप ने मिल की पेराई क्षमता को बढ़ाकर 16 हजार क्विंटल प्रतिदिन कर दिया था। अब क्षेत्र में गन्ने की लगातार बढ़ती पैदावार के मद्देनजर मिल के एमडी पीएस गहलोत ने एक बार फिर पेराई क्षमता का विस्तारीकरण करने के लिए 40 करोड़ रुपये निवेश किए थे।